'Schengen study visa' क्यों नहीं होता?
Schengen वीज़ा (Type C) सिर्फ़ घूमने-मिलने के लिए होता है — किसी भी 180 दिनों में ज़्यादा से ज़्यादा 90 दिन। पूरा कोर्स करने के लिए उस देश का national लंबी-अवधि (Type D) वीज़ा चाहिए — जर्मनी का national visa, फ्रांस का student visa Campus France के ज़रिए, इटली का Type D वीज़ा Universitaly pre-enrolment के साथ। जो एजेंट 'Schengen study visa' बेच रहा है, वह या तो खुद नहीं जानता या आपको जानने नहीं देना चाहता। दोनों ही हालात में सावधान रहिए।
जर्मनी का blocked account क्या है?
जर्मनी ज़्यादातर भारतीय छात्रों से रहने-खाने के पैसों का सबूत एक ख़ास 'blocked account' (Sperrkonto) में जमा करवा कर माँगता है — एक तय मासिक रक़म, आपके रहने के महीनों के हिसाब से। पहुँचने के बाद वही पैसा हर महीने आपको वापस मिलता रहता है। यह रक़म जर्मन सरकार समय-समय पर बदलती है, इसलिए फाइल लगाने से पहले ताज़ा रक़म ज़रूर जाँच लें। हमारी वेबसाइट पर मुफ़्त Germany Blocked Account Calculator है — अपने महीनों के हिसाब से पूरी रक़म वहीं देख लीजिए।
कौन-सा देश आपके बजट में बैठता है?
हर देश का पहले साल का खर्च अलग है — जर्मनी में tuition कम है पर blocked account एकमुश्त जमा होता है, इटली और फ्रांस में सरकारी यूनिवर्सिटियों की फीस काफ़ी कम है, नीदरलैंड्स में process आसान है पर फीस ज़्यादा। सही तुलना आपके अपने budget, marks और English level से होती है। हमारी वेबसाइट का मुफ़्त Best-Fit Country टूल 2 मिनट में बताता है कि आपका profile किन देशों में सबसे अच्छा बैठता है — और वीज़ा मिलने की कोई भविष्यवाणी नहीं करता, सिर्फ़ ईमानदार तुलना देता है।
पटियाला से पूरी प्रक्रिया कैसे चलती है?
पहले आपके profile और budget के हिसाब से देश और कोर्स की ईमानदार सलाह — जो देश आपके लिए ठीक नहीं, वह हम साफ़ बता देते हैं। फिर यूनिवर्सिटी की application (जर्मनी में uni-assist, फ्रांस में Campus France, इटली में Universitaly), उसके बाद उस देश के नियमों के मुताबिक़ वीज़ा फाइल और funds का सबूत, और आख़िर में biometrics — ज़्यादातर देशों के लिए VFS चंडीगढ़ में। हर कदम पर एक ही consultant आपके साथ रहता है।
